कभी आपने भी किसी पुस्तक में पढ़ा होगा कि सवा लाख या ढाई लाख मन्त्र जाप करने से मन्त्र सिद्ध हो जाता है। आपके मन में भी उम्मीद जगी होगी कि अगर मैं इतनी संख्या में जाप कर लूँ, तो मेरा मन्त्र भी सिद्ध हो जाएगा। आपने रोज समय निकाला, श्रद्धा से जाप किया, गिनती पूरी करने में मेहनत की और एक दिन निर्धारित संख्या भी पूरी कर ली।
लेकिन जब इतना सब करने के बाद भी कोई अनुभव नहीं हुआ, तो मन में सवाल उठा होगा—आखिर मुझसे कहाँ चूक हो गई? क्या मुझे और जाप करना चाहिए? आखिर मन्त्र सिद्ध होने में कितना समय लगता है?
आपकी यह उलझन स्वाभाविक है। जब हम पूरी श्रद्धा और उम्मीद के साथ साधना करते हैं, तो उसके परिणाम की प्रतीक्षा भी करते हैं।
लेकिन एक बात समझिए। पुस्तक में बताई गई जाप की संख्या पूरी कर लेना ही मन्त्र सिद्धि नहीं है। मन्त्र सिद्ध होने में कितना समय लगेगा, इसका कोई निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता। यह साधक के अभ्यास और उसकी साधना पर निर्भर करता है।
यदि कोई साधक बिना मन्त्र दीक्षा के साधना करता है, तो यह निश्चित नहीं होता कि उसे मन्त्र सिद्धि प्राप्त होगी ही। ऐसा भी हो सकता है कि वह वर्षों तक जाप करता रहे, लेकिन अपेक्षित फल न मिलने से उसका विश्वास ही डगमगाने लगे।
वहीं, मन्त्र दीक्षा के साथ साधक को मन्त्र और उसकी साधना की उचित विधि का मार्गदर्शन मिलता है। साथ ही, गुरु के आशीर्वाद के रूप में मिलने वाली सकारात्मक ऊर्जा साधना के मार्ग को सुगम बनाने और मन्त्र सिद्धि की सम्भावना बढ़ाने में सहायक हो सकती है।
अब सवाल है कि मन्त्र सिद्ध होने में कितना समय लग सकता है?
सामान्य मन्त्रों की नियमित साधना करने पर 6 से 9 महीने में प्रभाव अनुभव हो सकता है। कुछ मन्त्रों में 21 महीने तक लग सकते हैं, जबकि कुछ मन्त्र ऐसे भी होते हैं जिनका प्रभाव एक ही दिन में अनुभव हो सकता है।
इसलिए केवल जाप की संख्या पूरी करने को ही लक्ष्य मत बनाइए। सही मन्त्र का चुनाव कीजिए, मन्त्र दीक्षा लीजिए और नियमित साधना के साथ आगे बढ़िए।
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अक्षर मन्त्र तन्त्र यन्त्र
9213816442
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